नाटक-गाथा स्वतंत्रता की एक यात्रा
आज़ादी की लड़ाई के समय कैसा जूनून रहा होगा ये सोचकर आज भी शरीर कांप उठता है।।कैसे मतवाले बन गए होंगे ? एक ही मकसद आज़ादी आज़ादी आज़ादी।।।दर्द सिर्फ गुलामी का।।।लाठियों और गोलियों का नहीं।।।
26 jan को गणतंत्र दिवस के दिन अजोड़ीयम परफार्मिंग आर्ट्स ने कैसर कॉलेज ऑफ़ commerce में गाथा स्वतंत्रता की एक यात्रा का मंचन किया।ये नाटक उन क्रांतिकारियों जो समर्पित था जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए खुद को कुर्बान कर दिया
नाटक का उद्देश्य ये भी था की आज की युवा पीढ़ी जिस तरह से kiss day, velentine day,choclate day aur band stand day को बखूबी जानते है तो इन दिनों को भी वो पहचाने, ताकि आज़ादी के समय किये गए शहीदों का बलिदान कही मज़ाक बनकर न रह जाये।।।।
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